बेपनाह भाग-१

विक्रम शर्मा

बेपनाह भाग-१
(8)
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सारांश

ज़िन्दगी के रेगिस्तान में तड़पते लोगों को प्यार पनाह देता है लेकिन कुछ ऐसे भी बदकिस्मत होते हैं जो बेपनाह रह जाते हैं। बेपनाह ऐसे ही बदकिस्मत लोगों की कहानी है।
Imran Nawab
Nycc Beautiful Story
सुमित
हमेशा की तरह एक खूबसूरत कहानी। दरअसल आपकी कहानी को किसी उद्देश्य की आवश्यकता ही नही होती हैं। आप कहानी एक कविता की तरह लिखते हैं, जिसमें शब्द किसी नदी कि भांति बहते हैं। और इस बात से कोई फर्क नही पड़ता कि इसकी मंजिल क्या हैं, हम बस साथ में बहते जाते हैं।
nidhi Bansal
interesting.hopefully it will be different from other stories
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