बेटी एक माँ

अलका श्रीवास्तव

बेटी एक माँ
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सारांश

खनाक!!! किचन से कप टूटने की आवाज आई अनामिका भागते हूए किचन में पंहुची। सामने रोज़ी सिर झुकाए खड़ी थी। अनामिका उसके ऊपर बरस पड़ी, "एक काम भी सही से नहीं कर सकती। टी सेट खराब कर दिया। मालुम है कितना ...
Yatish Kashyap
बहुत ही सुन्दर ढंग से आपने मां बेटी के रिश्ते को समझाया है।
Upasna Mishra
नारी को एक नारी अच्छे से समझ सकतीं हैं। बहुत बढ़िया है।
Kundan Sinha
काफी अच्छी topic पर है आपकी ये रचना। बधाई।
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Suman Tomar
Betiya hi Hoti hain Jo maa Ko samajhti hain, bete toh bas apni icchao apni khwaisho k aage maa k astitva Ko bhul hi jaate hain.. nice story
Shalu Jain
amazing! keep on writing.
Manu Prabhakar
बहुत सुन्दर और वास्तविक रचना ।
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