बेटा लायक-बाप नालायक

सुनील आकाश

बेटा लायक-बाप नालायक
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सारांश

बेटा हायर एजुकेशन मॆं जाएगा, इसलिए कोचिंग ले रहा है। उसके पास पढ़ने के अलावा, और किसी से बात करने के लिए टाइम नहीँ है। बाप चुप ! बेटा अब चार वर्षीय-कोर्स करने के लिए अपने शहर से दूर, एक ऐसे शहर मॆं ...
Sudhir Kumar Sharma
अद्भुत
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Bhupender Arya
कहानी बहुत ही अच्छी है. आजकल के सन्दर्भ के हिसाब से यह कहानी बिलकुल फिट बैठती है. बच्चा माँ के करीब इसलिए है क्योकि माँ उसके हर गलत काम को नजरअंदाज कर देती है. वही पिता बच्चे से उसकी पढ़ाई इत्यादि के बारे में बात करना चाहता है
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Vimalkumar Jain
👌
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Vijay Hiralal
Aajkal ki Maa
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Ashok Lal
मां संस्कार विहीन थी।
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Krishna Tiwari
Esi mao k liye ko shiksha dene k liye ek esa school hona chahiye 24 ghante pati ki seva me hajir ho 1 per pr..... Jb pta chlega ki shoke kese pure hote h
Prati
Reality hai sir...true story.. All the best 👍👍👍👍👍
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Yogendra Singh
आपकी लघुकथा बहुत सुन्दर लगी। लघुकथा के सारे तत्व मौजूद हैं ।घर घर की कहानी है ये। लेखन के लिए बधाई।
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Vivek Kumar Yadav
Bahut खूब
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