बेटा या बेटी

Neelofar Neelu

बेटा या बेटी
(95)
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सारांश

आज फ़िर से नीलिमा का पूरा बदन किसी फ़ोड़े की भांति ही दुःख रहा था। जबसे वह जोधपुर से आयी थी, जाने कैसा बुख़ार आ रहा था कि उतरने का नाम ही नहीं ले रहा था। घर में पति और तीन तीन बेटों के होते हुए भी एक ...
Priyashi Sourav
beti hi hr dard ko sh leti syd isliye to mayeje ki khatir sb has k sh leti ,nice story
pooja Jangid
very good story 👌
Shourabh Prabhat
बहुत बढिया
Kusum Lata
bahut Sundar kahani
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दीपा
bht kismat wale hote h wo log ....jinke ghar beti janam leti h..
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Damini
बहुत सुंदर है
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Beena Awasthi
अति हृदय स्पर्शी और यथार्थ में डूबी कहानी।
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Anil Sharma
nice story
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Pramod Ranjan Kukreti
अच्छी रचना ।
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Hina Kureshi
bahut sunder
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