बेटा या बेटी

Neelofar Neelu

बेटा या बेटी
(84)
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सारांश

आज फ़िर से नीलिमा का पूरा बदन किसी फ़ोड़े की भांति ही दुःख रहा था। जबसे वह जोधपुर से आयी थी, जाने कैसा बुख़ार आ रहा था कि उतरने का नाम ही नहीं ले रहा था। घर में पति और तीन तीन बेटों के होते हुए भी एक ...
Kusum Lata
bahut Sundar kahani
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दीपा
bht kismat wale hote h wo log ....jinke ghar beti janam leti h..
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Damini
बहुत सुंदर है
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Beena Awasthi
अति हृदय स्पर्शी और यथार्थ में डूबी कहानी।
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Anil Sharma
nice story
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Pramod Ranjan Kukreti
अच्छी रचना ।
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Hina Kureshi
bahut sunder
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Meera Sajwan
अति उत्तम
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Anu Singh
heart touching
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Rehan Aabid Ali Kazmi
बढिया है
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