बेकरी वाली लड़की

इरा टाक

बेकरी वाली लड़की
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सारांश

पंद्रह दिनों में ये सीमा का तीसरा ख़त था, पर रमणीक का उनको खोलने का तक मन नहीं हुआ, जब से सांभर से लौटा था उसका दिलो दिमाग बैचैन था..एक वितृष्णा उसके मन में भर गयी थी। तीन साल से उसके मन में पनप रहा प्रेम हवा हो गया था ! इन चिट्ठिओं के लिए वो कितना बैचैन रहा करता था, बेकरी की महक समेटे अनगिनत चिट्ठियां ! पोस्टमैन भी जान गया था इस महक को ! यही एक माध्यम था उसे सीमा से पिछले आठ महीनों से जोड़े हुआ था, आज उसे ऐसा अहसास हो रहा था कि सीमा ने उसे ठगा है !
sanket chaturvedi
अधुरी कहानी ,....
Manisha Chauhan
kahani ko poora kijiye
डॉ. इला अग्रवाल
der aaye durust aaye pr ydi ramneek seema ki jgh hota to seema 1 pal ki der kiye bina use apna leti... एक बात का अफ़सोस हुआ उपरोक्त टिप्पणी के बाद जब आपकी प्रोफ़ाइल देखी तो ज्ञात हुआ कि आपने "0"शब्द पढ़े हैं प्रतिलिपि पर।क्यों?सिर्फ लिखती हैं, पढती नहीं?🤔
Arun
क्या सही है क्या गलत है पता नहीं
प्रियंका कुमारी
bahut hi jyada achi kahani sabd nhi hai 😢 apse ek vinti hai bus yu hi pyari pyari kahaniyan likhte rahiye 🙏
Davinder Kumar
क्या इस कहानी का अगला भाग भी आएगा?
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