बुरी बहू

अनामिका शर्मा

बुरी बहू
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सारांश

"अरे! और कितनी देर लगेगी, तैयार होने में? किसे दिखाना है जो इतना सज - सँवर रही हो? सभी नई बहू को देखने आ रहे है, तुम्हे नही ।" "बस, पांच मिनट "अपने बालों का जूडा बनाते हुए संजना ने जवाब दिया । "ठीक ...
Kanta Asopa
हम जब तक दोगली सोच नही बदलेगे तब तक हम आगे नही बढ सकते बहुत अच्छी रचना
priya prajapat
last me apne bhot hi shi kha "bhu kitna bhi kr le buri hi hoti h"...bhle saasu ji kehti h ki tum meri beti jesi ho ..lekin na to vo khud kbhi maa bn pati h or nahi bhu ko kbhi beti bna pati h....
विवेक भार्गव
अच्छी कहानी लिखी है आपने
Neha tiwari mishra
bahut hi sundar aur sacchayi ke sath ye kahani likhi hai apne shadi shuda hu isliye isko bahut ache se mehsus kar payi
Sushil Chugh
अच्छी रचना है
Nitin Yadav
apki khani sirf khani nhi h ye har bahu ki sachai h......
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