बिकाऊ मीडिया

कवि रूपेश राठौड़

बिकाऊ मीडिया
(55)
पाठक संख्या − 260
पढ़िए

सारांश

कलम का दुरूपयोग करती पत्रकारिता को जवाब
Vinni Gharami
एक जमाना था जब बाबा खुद न्यूज़ चलाते थे अब जमाना है बाबा कहते न्यूज से सबसे ज्यादा बच्चे बिगड़ते हैं सच है चैनल अब आम जनता की नहीं है टीआरपी के भूखे न्यूज़ चैनल आतंकवादी और नेताओं की बन कर रह गई बहुत सही लिखा है आपने
रिप्लाय
छाया पान्डेय
स्पष्ट ओजपूर्ण रचना ! राठौर जी'
रिप्लाय
मयंक चाहार
बहुत सुंदर शब्दों में बहुत अधिक हिम्मत वाली बात आपने कही है आपको ढेरों शुभकामनाएं
रिप्लाय
Shreekant Gupta
आईना दिखाती हुई रचना
रिप्लाय
ब्रिजेश विश्वकर्मा
सत्य उजागर करने वाली पंक्तियाँ
रिप्लाय
Jyot Parkash
very nice and true thing......
रिप्लाय
कुशल राठौड़ MP
बहुत शानदार
रिप्लाय
मीरापरिहार
बढ़िया ओजपूर्ण
रिप्लाय
सारी टिप्पणियाँ देखें
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.