बालकहानी- मुसीबत में रीछ

ओमप्रकाश क्षत्रिय

बालकहानी- मुसीबत में रीछ
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सारांश

बहुत पुरानी बात है. रीछ का सुंदर बगीचा था. जिस में तरहतरह के फलफूल लगते थे. तब ऐसा क्या हुआ कि रीछ मुसीबत में फंस गया. जानिए इस कहानी में. आखिर रीछ के सामने क्या मुसीबत आई ? उस ने मुसीबत का सामना कैसे किया ?
Ashutosh Mishra
बच्चो के लिए ऐसी कहानी उचित नही लगी।इसमे तो गलत जानकारी दी जा रही है कि मधुमक्खी फूल का रस चुराती है फूल को नुकसान पहुचाती है गन्दगी फैलाती है। कहानी ऐसी हो जिसमें पर्यावरण की रक्षा और जीव जंतुओं का महत्व बताया जाए तो बेहतर होगा
Kamlesh Singh
kahani achchhi hai par end aur achchha ho sakta tha
Komal Patel
कुछ अधूरी सी लगी कहानी
Piyush Garg
बहुत उम्दा
Beena Tewari Bisht
कहानी एकता को का मू ल्य बताती है
Kishor Wadhwani
कहानी का अन्त कहीं खो सा गया प्रतीत होता है
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