बहादुर बेटी

प्रीति राजपूत शर्मा

बहादुर बेटी
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पढ़िए

सारांश

आज एक साल पूरा हो गया ।आज फिर से वही सब होगा पंडित जी आएंगे ,हवन करेंगे ,फिर वही सारा खाना बनेगा,एक भी चीज़ बदलनी नहीं चाहिए पंडित जी ने पहले ही कह दिया था ।परिधि ने सारा काम हाथों पे उठा रखा था बाकि ...
neeru Dwivedi
I hv nothing to say about this story 😭😢
Diya
jruri nahi ki humre aansu kise ke dukh ya apne dukh me nikle kbhi kbhi aap jaise umda lekhak bhi in ansuoo ko rasta dekha dete hai... bhut khoob
Rajeev Kumar
very heart touching story
Kp Singh
no words to say more
Sheetal Kumari
बहुत ही मार्मिक पढ़कर आंखो में आशु आ गए
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