....बहन पिया घर चली।

Abhishek Gupta

....बहन पिया घर चली।
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पाठक संख्या − 61
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सारांश

ओढ़कर जिम्मेदारी की चादर वो, आजादी का आंगन छोड़ चली अब तक बीते हर पल को यादों में संजो कर देखो, बहन पिया घर चली। खामोश हुआ चहचहाता, अब ये आँगन इसलिये कि, वो चिड़िया पिया घर उड़ चली। जिन्दगी की हर रीत जो ...
Ruchi Gopal
Behan me prati aapka pyar chalk raha hai aapki is rachna me
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Saira Parvez
बहुत सुन्दर रचना
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Sayyeda Khatoon
बेहतरीन भाव अभिव्यक्ति
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Damini
बहुत सुंदर
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vijay Lakshmi
👌
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राहुल टोकसीया
बहुत सुंदर कविता ✍
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सरोज वर्मा
very very nice,so beautiful
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Asha Shukla
उत्कृष्ट सृजन।
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Priyanka Kartikey
लाजबाब और बहुत ही खूबसूरत रचना😍👌👌
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