बलि का बकरा

अन्नदा पाटनी

बलि का बकरा
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सारांश

समारोह समाप्त होते ही , सभागृह से निकलने की सभी को उतावली थी । तभी एक सज्जनसामने आ कर खड़े हो गए । " मैं कब से आपसे बात करना चाह रहा था पर आप तक पहुँच ही नहींपाया। अब अवसर मिला तो सोचा दर्शन तो कर ...
Priyanka Puja
latika v to budhi ho gai hogi.. umr ka kuch pta hi nai chla
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Mithilesh Kumari
साहित्यकार की ओछी मानसिकता का चित्रण।
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Adon Rook
bohat hi खूबसूरत
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kavita Deshmukh
nice story
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Karuna
Very nice
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दीपा
very nice
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Sushil Patel
nice read my story पराया शहर
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साक्षी
आपकी पकड़ स्त्री विषयक सब्जेक्ट पर काफी अच्छी है
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अर्चना अनुप्रिया
सामाजिक सच्चाई दर्शाती कहानी... बहुत खूब
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