बदलते मायने

Samiksha Pandey

बदलते मायने
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सारांश

हाँ मैं रंडी हूँ  हाँ मैं रंडी हूँ क्योंकि मैंने तोड़ी है अपनी चुप्पी तुम्हारे सामने क्योंकि नहीं सही मैंने तुम्हारे अत्याचार चुपचाप अपने आत्मसम्मान पर चोट नहीं खाई और ...
आनन्द त्रिपाठी
कटु सत्य!
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