बदनाम बेचारे

सन्दीप

बदनाम बेचारे
(13)
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सारांश

दिसम्बर की ठंड और रात के ढाई बजे का समय , रविन्द्र ठंड से ठिठुरा जा रहा था। ट्रक वाले ने पूछा, भाईसाब बीड़ी पिओगे क्या? रविन्द्र ने मना कर दिया, ट्रक वाले ने अपनी बीड़ी जला ली और अपनी मस्ती में ट्रक चलाता रहा। रविन्द्र ने पूछा, भाई जी कहाँ से आ रहे हो। उसने बताया कि वो दिल्ली से राजस्थान गुजरात के रास्ते दिल्ली से बॉम्बे माल ढोते हैं। बातों बातों में पता चला कि घर पर दो बच्ची और बीवी के अलावा बूढी माँ है। और 8 हजार रूपये महीना तनख्वाह में ही घर का गुजारा चलता है।
sandeep
very nice story heart touching msg
मधुलिका साहू
एक सच्चाई ऐसी भी । सुन्दर कथा
hindi@pratilipi.com
080 41710149
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