बड़ी हत्या , छोटी हत्या

सुधा अरोड़ा

बड़ी हत्या , छोटी हत्या
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सारांश

मां की कोख से बाहर आते ही , जैसे ही नवजात बच्चे के रोने की आवाज आई , सास ने दाई का मुंह देखा और एक ओर को सिर हिलाया जैसे पूछती हो - क्या हुआ ? खबर अच्छी या बुरी । दाई ने सिर झुका लिया - छोरी । अब दाई ...
Poonam Aggarwal
सुना है कि देश के कई हिस्सों में लड़की के जन्म लेते ही उसे मौत के घाट उतार देने की परंपरा है । इसके कई तरीके भी हैं जैसे नवजात बच्ची के मुँह में नमक भर देना । वो मासूम मुँह के पास स्पर्श होते ही दूध पीने के लिये होंठ खोलती होगी , पर उसके मुँह में नमक रूपी ज़हर ठूँस दिया जाता है । जिससे उसके अंदरूनी अंग कट जाते हैं । इसके अलावा दूध से भरे बड़े से नाँद में बच्ची को दूधसमाधि दे दी जाती है क्योंकि वो कन्या है इसलिए दूध में डुबोकर मारा जाता है जिससे पाप कुछ कम हो जाय । गला दबाकर मारने में तो ज़्यादा दिमाग भी नहीं लगाना पड़ता । ये हैं हमारे देश की कुछ सड़ी गली परम्परायें । फिर भी हम कहते हैं मेरा भारत महान ।
ShivaniGupta
dardila mgr saccha lekhan bahot khub sudhaji
नीता राठौर
वैसे अब जमाना बदला तो है। बेटियों के साथ अब पहले की तरह व्यवहार नहीं होता।
Heena kashif
laant h esi soch pe.mere to ek beti hh......or mere liy hi nhi pure ghr wlo k liy bete s Zada h...
Shiv Verma
Nice story 
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Sunita Maloo
short but nice story   
Anish Jain
मन को घृणा से भर दिया आज भी औरत ही औरत की दुश्मन बनी बैठी हैै पर यह गांव देहात की ही बातें लगतीहैै समय बदलाव ला रहा है  
विकास नैनवाल
कम शब्दों  में  मन  को  झकझोरने  वाली  कहानी। दहेज़ रुपी  दानव  जाने   कितनी  लड़कियों  को  खा गया। 
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