बच्चों के मन

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बच्चों के मन
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सारांश

रीया अभी तीसरी कक्षा में अभ्यास करती है| उसने आज उसकी क्लास में पढ़ते एक लड़के को जबरदस्ती चूमने की कोशिश की थी | इतना ही नहीं उसने लड़के के कपडे भी उतारने की कोशिश की थी | इस सिलसिले में उसके माता ...
Nirmal G
बच्चे जेसा देखते हे वेसी ही नकल करते हे ये आधुनिक युग की देन कि कई घरो मे माता पिता बिल्कुल ध्यागन नही रखते कि उनकी छिछोरी हरकतो का बच्चे पर कितना गलत प्रभाव पड़ेगा अच्छा विषय चुना हे ।
Santosh Sinha
अच्छी रचना।
Maanvik Rawat
एक कटाक्ष है आज के माता पिता पर, ओर आज के बच्चे 4 कदम आगे रहते हैं।
Shish Pal
bulkul sahi baat kabhi.. aaj ki society me kae gharo me Maine b dekha hai... parents apne pyar Ka izhar sabke samne bahut khul kar karte hain....or use adhunikta Ka naam dete hain..
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