बचपन की यादें

Anuj Bhandari

बचपन की यादें
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सारांश

बचपन की यादें, ताजा कर देती  कई बातें, कुछ दिल दहला देने वाली, तो कुछ मन को मोहित करने  वाली। मित्र भी बहुत मिले, कुछ मेरे लिए लड़े, तो कुछ मुझसे ही लड़े। फिर भी याद आते हैं वे सब, जो मेरे लिए मरे। ...
संतोष नायक
बचपन की यादें भुलाये नहीं भूलती।बहुतसुंदर रचना।
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संदीप साहू
बचपन की यादों!पर जितना लिखा/पढ़ा जाए कम ही है। सुंदर भाव/अनुभूति की रचना,बधाई हो👌💐
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