बंजारन की आत्मा का राज़( भाग दो)

सोनम त्रिवेदी

बंजारन की आत्मा का राज़( भाग दो)
(115)
पाठक संख्या − 8182
पढ़िए

सारांश

अगले दिन पंडित जी और दो मजदूरों को बुलाया गया ताकि उस कोठरी को गिरवाया जा सके। पंडित जी ने सबके माथे पर केसर का तिलक लगाया और हाथों में अभिमंत्रित की हुई मौली(कलावा) बांधा ताकि किसी को नुकसान न ...
Pawni Fonia
bhut acha lukhti h aap....agle bhag ka besabri se intzar h
रिप्लाय
Arjunsingh Rathore
सुपर कहानी
रिप्लाय
Aghori Totke tantra News Channel
आवरेज
रिप्लाय
mubark usmani
bahut achchhi..khubsurat kahani..Sonam Jee Ka kahani kahne Ka andaj .BHI bahut ..Sundar..
रिप्लाय
Deepak Rathor
अति सुंदर
MUNNA
शानदार जबरदस्त जिन्दाबाद
Shaziya Siddiqui
plss upload next part
रिप्लाय
Yogita Garg
👌👌
रिप्लाय
सारी टिप्पणियाँ देखें
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.