फ्लर्टिंग मेनिया

इरा टाक

फ्लर्टिंग मेनिया
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सारांश

विक्रांत : सारी रात तुम्हे मिस जो करता रहा !..नींद देर से आई शिवाली : सच में..? विक्रांत : और क्या !... अपना नंबर दो न यार ,कितनी बार मांग चुका हूँ । मैं कोई आवारा लड़का थोड़े ही हूँ, जो इतना डरती हो ,अच्छी साख है मेरी ,8 किताबे आ चुकी हैं मार्किट मे ! अच्छे एडवरटाइजिंग जॉब में हूँ ! शिवाली: लेखकों से डर लगता है..बड़े फ़्लर्ट होते हैं ... मेरा दिल टूट गया तो ? विक्रांत : पहले दिल तो दो ...यकीन मानो टूटने नहीं देंगे ! शिवाली : ओके ... कहते हो तो मान लेती हूँ ...मिलोगे आज ? पहले जान लूँ ..फिर नंबर दूंगी विक्रांत : वाओ ... बोलो कब और कहाँ ? शिवाली : सीसीडी .. गौरव टावर शाम 5 बजे ..लेट मत होना ..शार्प फाइव ! विक्रांत : ओके ..डिअर...डन !... नाउ गिव मी अ टाइट हग ! शिवाली : वो तो मिलोगे जब दूंगी ..बाय विक्रांत के खून का दौरा थोड़ा बढ़ गया ...दिल तेजी से जो से धड़कने लगा था " बड़ी बोल्ड है यार !...आज तो दिन बन गया " सोचते हुए वो चाय बनाने किचन की ओर बढ़ गया
M. S.
bahut pyari story...
Vandana Varma
Bohot Badhiya likhi h aapne
Priya Sharma
खूबसूरत रचना 👌
Mo. Kaif
A Great love story
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