फ्रेम

प्रज्ञा

फ्रेम
(107)
पाठक संख्या − 16044
पढ़िए
डॉ. ए सतीश
क्या अद्बुत कहानी है मैम नमन लेखनी को
पिया सिंह
दिल को छू गई आपकी रचना।हमारे समाज का असली चेहरा बड़ी सादगी से पेस किया है अपने।
Nidhi Gupta
बहुत सुंदर कहानी। परंतु अंत दिल को झकझोरने वाला था। अंत में पात्रों के साथ इंसाफ नही किया ।
Sonia Pratibha
बहुत सुंदर कहानी कर पर अंत अखर रहा है साधुवाद
Kamlesh Budlakoti
tactful literature....top class
Manik Sharma
Very nice...touching story
prabha malhotra
achhi kahani, lekin end bhi achha hona chahiye था
Ravi Sinha
सुंदर रचना
सारी टिप्पणियाँ देखें
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.