फैसले का हक़

Anjali Mishra

फैसले का हक़
(382)
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सारांश

आज सुबह से ही उसका मन किसी भी काम में नहीं लग रहा था।बहुत ही बेदिली से उसने जल्दी जल्दी घर के काम काज से निपटने की कोशिश की। बच्चे अभी तक सो रहे थे।उन्हें सोता छोड़ रसोई घर में घुसी।चूल्हे पर चाय का ...
Satish Chandra Nim
बहुत ही शानदार रचना, साधुवाद। महिलाओं को इज्जत और ऐसे निर्णय लेने ही चाहिए। मेरे विचार में सिर्फ बताना ही काफी है, यदि कोई अन्य आकस्मिक काम न आ जाए।
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sonu Barnwal
bahut hi achhi
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Pooja Bhardwaj
sahi fasla apni beti beti dusre ki beti kuch nahi ye soch galt hai best story 👌
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Anu Saxena
nice
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Geeta Pandole
बहुत अच्छी कहानी है .
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MOHAMMAD AFJAL
👌👌👍👍👍
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Rekha Jain
सही समय पर सही निर्णय .....बहुत हिम्मत वाला काम किया है ...काफी सुन्दर लिखा है ..
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Nusrat Jahan
good decision
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