फिर जन्म लेंगे हम (पुनर्जन्म की कहानी)

सुनील आकाश

फिर जन्म लेंगे हम (पुनर्जन्म की कहानी)
(114)
पाठक संख्या − 9092
पढ़िए

सारांश

इस जन्म में अपनी प्रेमिका से मिल पाने में असफल रहे प्रेमी द्वारा, अगले जन्म में अपनी प्रेमिका से मिलने की आस रखने पर आधारित कहानी।
Davinder Kumar
एक प्रेम कहानी
रिप्लाय
Shyam Saini
बहुत खुब
रिप्लाय
अंशु
Very nice story
रिप्लाय
Sk kumar
वाह sir बहुत खूब इसे कहते है सच्चा प्यार।आपकी कहानी का पता ही नही चला कब खत्म होने को आ गयी मैं आगे देखता रहा मैंने सोचा आगे भी होगा कुछ कहानी के पर कुछ नही था परंतु आपकी कहानी के दम तो है आपने मिसाल दी है सच्चे प्यार की।सच्चा प्यार तो यही है उसका इंतजार करना जब तक वह आपका नही हो जाता और कहानी के सबसे अच्छा पात्र पंकज लगा जो हर मायने में सही था उसने दोस्ती के लिए अपना प्यार भुला दिया कभी नीरजा के साथ कुछ गलत नही करने की सोची और उसे उसकी खुशी के लिए उसने पहले जब हितेश से सादी हुई तब भी वो नही बोला अपना ग़म छूपा कर रखा।और जब दोबारा नीरजा का विवाह हुआ उसने तब भी खुशी खुशी उसे मुबारक बात दी।यही होता है सच्चा प्यार।सच्चा प्यार ज़िस्म की हवस मिटाना नही उसे उसकी खुशी के लिए छोड़ देना है।sir आप ने बहुत अच्छा लिखा है जरा मेरी रचनाये भी पड़े आपकी कृपा होगी।
रिप्लाय
Madan Rawat
Dil ko chu gayi apki yaha pratilipi
रिप्लाय
J M Singh
Bhout he sandar kahani he
रिप्लाय
Nisha Singh
Bhaut achhi kahani hai
रिप्लाय
Satendar Meena Sʌttu
Awasome sir
रिप्लाय
Kiran Sharma
beautiful story
रिप्लाय
Anupam Rautela
i just hate love story. ye aj tk ki 2nd prem kahani hi jo maine pdhi hai. bohat alag or sundar.....
रिप्लाय
सारी टिप्पणियाँ देखें
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.