फांस

रजनी गुप्‍त

फांस
(24)
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सारांश

यादों की पोटली में समय नई चलन के सिक्‍के फेंकता रहता।कभी लगता जैसे भीतर पड़े सिक्‍के हमें दिख नही रहे मगर अचानक आयीं आंधी ने सब कुछ तहसनहस कर डाला। अकेली ममता भी क्‍या करतीं ? उसने तो अपनी तरफ से ...
दीपा
Nice story...pr aage kya hua...sugam ka kuch pta chala ya nhi
Pooja
Story ka end kuch samajh nhi aaya
j benipal
कहानी तो पूरा कर दिया कीजिए अध बीच छोड़ने का चलन ही हो गया है
Neelima Ghosh
bahut hi achhi manovegyanik kahani.
vandana singh
bilkul achchi nahi lagi 😢😢
Anand Raj Anand
kahani ka samwad to bhut umda h bt lekhika khna kya chahti h
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