प्रेरणा

अमित पाण्डेय

प्रेरणा
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सारांश

मैं छत से नीचे आया और बोला मां सामान पैक हो गया है। मां ने कहा,-“ विनय बेटा सब रख दिया है। तुम्हारे कपड़े, रोजमर्रा की चीजें ,घी अचार”। मैं बोला,-“ अरे मां तुम ने घी, अचार यह सब क्यों पैक कर दिया”। ...
S Mahendra Suman
super story jo ki aapne behter likha hai ki samay sab ka badlta hai
Pawan Tandon
बड़े शहर की सच्चाई है ये कहानी बहुत खूब
Davinder Kumar
कहानी अच्छी है कृपया शैली पर ध्यान दीजिए
Kavita Mishra
bahut Aachi story hai
Geeta Geet
बहुत बढिया रचना
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