प्रेम करने वाली लड़की

रोशन प्रेमयोगी

प्रेम करने वाली लड़की
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सारांश

मेरे इस उपन्यास में चार पीढ़ियों के प्रेम करने, और जिंदगी के सफर में आत्महत्या की भावना को ठेंगा दिखाते हुए, समाज को नए मुकाम तक ले जाने की कहानी है। डॉ विद्या शर्मा, डॉ अजय शर्मा के किरदार किसी महानायक की तरह सामने आते हैं। टीनएज में प्रेम करके एक फौजी से शादी करके कम उम्र में ही विधवा होने वाली पाहुन और उसकी जीनियस बेटी कनेर के प्रति मेरे भी दिल में बहुत प्यार है। #रोशनप्रेमयोगी
Priyanka
Superb story 😊👍
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Rinki Singhal
Hello Sir, first of all thank u so much for this beautiful , adorable and lessons giving story. This story teach me so much about the life and it's approach, Dr Vidya is a great personality , sir she is my role model now, I just loved it. Sir your writing is awesome, I can't understand how I explained my feelings. when I start reading it I thought that it is gonna be a boring story how someone wrote a novel on a girl but I was wrong and I'm wondering that I'm going addict of it. amazing story and amazing characters. my love for Pahun, Kaner , Dr Vidya and Dr Ajay, Dr Vats 💖💖🙏🙏
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Abhishek Seth
nicely
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मधुर कुलश्रेष्ठ
प्रेम के विभिन्न आयाम
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Divya Singh
v.nice story
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karimun nisha
agr ye imagination hai to bahut hi la jawab aur agr hakikat hai to aise zindagiyon ko salam 😙😙😙👌👌👌
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Sunita rawat
प्रेम की सच्ची परिभाषा को बताने में सफल है ये उपन्यास
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Satish Pareek
बहुत ही अच्छी व दिल के करीब की कथा। क्यों नहीं हम सब के लिए अच्छा सोचते, क्यों ईर्ष्या, जलन व मोह -माया के पीछे भाग रहे हैं, एक विचारणीय विषय। संगीत व वाद्ययंत्र, अद्भुत व्याख्या। विद्या ही नही अजय भी सही मायने में अग्रिम सोच व सकारात्मक सोच व पहल रखते हैं। कनेर के संस्कार वही हैं जो विद्या ने दिए हैं। दरिया देर आयद दुरुस्त आयद। हाँ, सबसे बड़ा रोग क्या कहेंगे लोग। उम्र प्यार करने व दर्शाने में बाधक बन जाती है जो नहीं होनी चाहिए, पाहुन के व्यक्तित्व को शानदार बनाया है तो वत्स कभी बहकते लगते हैं मगर एक अच्छा किरदार। शानदार व मार्गदर्शक कृति हेतु बधाई। अमृता प्रीतम याद आरही हैं।
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Akashkumar saini
good rosan ji ye upnyas ak hi taim pd gaya hu .aapki es kahani me pahuna ka watsayan ko is janm me papa or us janm me pata savikar h .kamal h esa to me pahali baar pda or jana h ki es parkar bi jindgi ko jiya ja sakta h.or wo bi papya le le ke jo wastavij samj me nahi cl pa ra h.danyawad
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