प्रिया अभी तक ज़िंदा है

अर्चना मिश्र

प्रिया अभी तक ज़िंदा है
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सारांश

महरी अभी तक नहीं आयी . ग्यारह बज़ चुके थे . उसके आने के समय से एक घंटा ज्यादा . निधि परेशान हो , दो-तीन बार बाहर तक देख आयी . सारा काम अब उसे ही करना पड़ेगा , सोचकर ही डर गई . अमन ज़ब से कह रहे थे ...
Anil Dimri
मार्मिक चित्रण सजीव हो उठा
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Dr Ravi Shankar Singh
जो लोग अपनी छोटी छोटी समस्याओं पर दुखी हो जातें हैं,, उनको ये कहानी अवश्य पढ़नी चाहिए,,
Vinod Kumar
Great story.
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Manu Prabhakar
मर्मस्पर्शी कथानक । सच हमारे भी आँसू निकल आए।
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Anuradha Bhati
बेहद मार्मिक.. आँखो में आँसू आ गए.. शायद कई दिनो तक याद आएगी आपकी ये रचना.. सच है कि ईश्वर की इच्छा के आगे इंसान कुछ भी नहीं हैं..
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Jyoti Sharma
भावुकता पूर्ण कहानी
Bhawna Goyal
nahi bacche maa baap ka ansh hote hain hum unhe kbhi bhula nahi sakte
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