प्राचीन ग्रंथकार

पंडित बाल कृष्ण भट्ट

प्राचीन ग्रंथकार
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सारांश

धनंजय भोजराज के पितृव्‍य चारों नरेश मुंज की सभा के रत्‍नों में से धनंजय भी एक हैं। इनका रचित दश रूपक नाम ग्रंथ प्रसिद्ध है। ग्रंथ की समाप्ति में धनंजय लिखते हैं - विष्‍णो: सुतेनापि धनंजयेन। ...
सत्या सिंगाठिया
अकेले को हमसफर मिल गया 😊 कुछ ऐसा ही आपका ऐप्प 💐
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