रमेश तिवारी
अतिसुंदर प्रस्तुति।। कृपया स्नेह स्वरूप मेरी रचना श्रीदुर्गाचरितमानस पढ़ने का कष्ट करे समीक्षा की प्रतीक्षा जय माता दी सहृदय धन्यवाद
brajmohan pandey
पुत्रवधु मे ससुराल के प्रति जो भावना है ,सराहनीय है।
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sanjita
अच्छी कहानी है
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Arunima Thakur
good story
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Neha Vyas
Sundar Seekh Neha Ji 🌷😊
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amit verma
बेहतरीन रचना
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Minni Mishra
बहुत बढ़िया
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Jitendra Moslapuriya
बहुत खूबसूरत रचना है, इस रचना ने बहुत कुछ सीखा दिया।
Satya Prakash
बहुत बहुत बहुत बढ़िया, 🙏🙏🙏
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अजय अमिताभ सुमन
वाकई बहुत खुबसूरत कहानी है। भगवान ऐसी पुत्रवधु सबको प्रदान करे।
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सोनू समाधिया 'रसिक' 🇮🇳
सजीव चित्रण 👌
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Gyanendra maddheshia Gyani
वाह.... कहानी का मध्य भाग पढ़ कर दुख हुआ लेकिन अंत तक आते-2.....👌 एक खुशी मिली वो खुशी जो हर त्योहार पर अपनो के साथ बिताकर मिलती है।यही तो परिवार होता है।आपकी रचनात्मक क्षमता प्रबल है।
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Upasna Jain
badiya
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Meera Sajwan
छोटी-छोटी खुशियाँ थोड़ी सी समझदारी सेजीवन को खुशनुमा बना देती हैं।
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मृत्युंजय जौनपुरी
हृदयस्पर्शी रचना।
ईश्वर सिंह बिष्ट
सशक्त सार्थक रचना । 👌👍परिवार में ही जीवन की सच्ची खुशियाँ है ।
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