पीछे का दरवाजा

प्रीति श्रीवास्तव

पीछे का दरवाजा
(302)
पाठक संख्या − 20258
पढ़िए

सारांश

माँ के चपत खाने के डर से पीछे के दरवाजा से भाग जाता हूँ आपको तो पता है कह कर दीपक ठठा कर हँसने लगा। नीता बोली सोने जा रहे हो लंदन नहीं पगला। ...!!
Naaz Shaikh
बढिया लेख
Mohd.gulfam Izhar
badi marmik story ha☹️☹️🙁
Himanshu Sharma
bhut accha likha thoda. aur likhte accha hota
दिनेश दिवाकर
कहानी बहुत रोमांचक है लेकिन कहीं कहीं कुछ शब्द गलत है एक बार पढ़कर सुधार लें धन्यवाद
Aruna Garg
kahani achchi he.bhai Ka bahan ke liye itna lagav ki jane ke bad bhi unse mile Bina na Raha per ant kuch Kam samajh Aaya . shayad wah itni badi dukh ki na jhel Pai .
Lalita Ojha
कहानी बहुत अच्छी है पर जल्दी खत्म हो गई ।
सारी टिप्पणियाँ देखें
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.