पिशाचों की बेटी - 6

Bhushan Patil

पिशाचों की बेटी - 6
(157)
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सारांश

अमित, मिहिर ओर ऊर्वशी तीनो अब सूर्यवंत महल के पास पहोच गए थे। बाहर से काले पत्थरो का महल था ओर शेरो की बड़ी बड़ी मुर्तिया थी। ऊर्वशी = दरवाजा तो कही नजर नही आ रहा? जरा किताब में देखो। अमित = अंदर लिखा ...
Shreya Bajpai
bahut galat hua Amit ke sath
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Dinesh kumar
very good
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Amratansh Pandit
Awesome Story...
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Silky Dhawan
Amit ko kyu mara
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Mahesh Sharma
थोड़ा कंफ्यूज इंग सै
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Tullsiram Jaiswal
बहुत शानदार आगे भी ऐसी रचनाएं पढ़ने को मिलेंगी इसी आशा के साथ ़धन्यवाद
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Suman Barnwal
wah kya bat hai
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PûRvÎ JâÌN
supab story hain... I like it
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Deepak Rathor
अति सुंदर है
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