पिता

धीरेन्द्र अस्थाना

पिता
(59)
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सारांश

'अपन का क्या है/ अपन तो उड़ जाएँगे अर्चना/ धरती को धता बताकर/ अपन तो राह लेंगे अपनी/ पीछे छूट जाएगी/ घृणा से भरी और संवेदना से खाली/ इस संसार की कहानी' - एयर इंडिया के सभागार में पिन ड्रॉप साइलेंस के ...
shaifali gupta
बहुत ही बढिया
Aruna Anand
बहुत सुन्दर कहानी. पीढ़ी अंतराल का सटीक चित्रण. शुभकामनाये.
नैना साहू
बहुत सुन्दर प्रस्तुति
Manu Prabhakar
बहुत-बहुत अच्छी रचना है सर जी ।दिल को छू गई । आज की पीढ़ी को कैसे संभालेंगे चिंता सी हो गई । क्योंकि अब हमारे दिये संस्कार और बाहर की दुनिया के रंग अलग-अलग हैं ।
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wah.... sachchai aur imandaari se bhari gahri rachna....arse baad itna paripakv lekhan padhne ko mila....badhai
Archana Varshney
बहुत बढ़िया
Indu Kapoor
दो पीढ़ियों के अंतराल को बखूबी दिखाया। बहुत सुंदर चित्रण
Jyotiswarup Agrawal
बहुत अच्छी कहानी पढ़ी, एक अरसे के बाद! Generation gap: पीढ़ियों के अंतराल की अच्छी अभिव्यक्ति हुई है! बधाई!
Sunita Pandey
मार्मिक
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