पिंजरे के पंछी

नीरज नीर

पिंजरे के पंछी
(70)
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सारांश

गांव में रहने वाले एक सुखी रिटायर्ड दंपति की कहानी जो जब अपने बेटे के पास शहर जाता है तो क्या होता है ..... पढ़िए
Dharmendra Mahto
Very nice storey sir
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प्रवीण कुमार
कहानी के अंत मे दम्पत्ति को मारा नहीं जाना चाहिये था। कुछ ऐसा अंत होता जिससे बेटे बहु को और समाज को सीख मिलती तो अच्छा होता।
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chanchal saxena
vaterni par krakai sunder ant kiyaa.aaz ki vasvikta
Davinder Kumar
यथार्थ के करीब है * यह कथा मैं पहले भी पढ़ चुका हूं
Mangla Gupta
Bahut achi kahani lekin bacho ko bhi shochna chahiye uanke bache dekhege wo bhi yahi karege uanke shath
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Jyotika Jain
Heart touching story
Richa Ajmera
heart touching story
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