पाज़ेब

ज़ेबा प्रवीण

पाज़ेब
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सारांश

अनसुनी कहाँनी ! ये कहानी पूरी तरह से काल्पनिक है और इसका वास्तविकता से कोई सम्बन्ध नहीं है |
विनीत कुमार
शुरूआत मे शब्दो मे कुछ त्रुटियाँ है, उन पर ध्यान दीजिये।
Diwakar Singh
last hote hote kahani jaldi simat gayee.
Gaurav Neema
starting is very intrested but ending was not good
Moni Jain
क्या है ये । बर्तनी सुधारिये और कथानक भी क्या बकवास है । कहानी लिखने में जल्दबाजी ना करें ।
Prachi Amit Upadhyay
kahani ki shuruat to achhi thi par ending achhi nahi lagi.. aisa laga bas kahani jaldi khtm krne ke uddeshya se ending me kuch bhi likh diya
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