पाबंदी

Divya rani Pandey

पाबंदी
(46)
पाठक संख्या − 251
पढ़िए

सारांश

बेशक, आजाद परिंदा नहीं हूँ मैं कुछ पाबंदियों के शौक मैंने खुशी से पाल रखें हैं.... #DRP# ...
राघव
बहुत अच्छा प्रयास👏👏
Bhaliya Ghanshayam
super
रिप्लाय
विवेक कुमार शुक्ला
Very nice, ap meri rachna" koi bat purani ", उसूलों पर चला होगा, और क़िस्मत का हारा हूँ। पढ़िए और btaiye kaisa hai
रिप्लाय
sapna sharma
wow kya baat hai
रिप्लाय
अरुण गौड़
अपने लिखा तो है लेकिन सिर्फ 2 लाइनर, ये कोई रचना नही है। लिखना कहती हो तो रचना को थोड़ा विस्तार दो। best of luk Divya ji👍
रिप्लाय
Rajkumar Sahu
बहुत सुंदर
रिप्लाय
सारी टिप्पणियाँ देखें
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.