पापा मैं सोयी नहीं थी

रिवेश प्रताप सिंह

पापा मैं सोयी नहीं थी
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सारांश

"नेहा, तुम्हारे पापा का फोन आया था। तुम्हें मिलने के लिए बुलाया हैं।" "मुझे बुलाया है पापा ने !जरुर पापा की तबियत ठीक नहीं होगी। जरा फोन लगाइए तो पापा को!" नेहा ने दुपट्टे से अपना मुंह पोछते हुए पति ...
Chhaya Singh
bahut hi sunder rachna
Soha Alam
बाप बेटी का प्यार दुनिया में सबसे अनोखा और गहरा होता है। ऐसे ही प्यार का प्रतिबिंब है ये कहानी। लेखक महोदय को बधाई।
Anuradha Bang Randar
pita putri ke sneh ko bahut hi sunder shabdo me piroya gya h
Kanak Singh
आपने तो रुला ही दिया बहुत ही सुन्दर रचना है मेरे पास तो शब्द भी नहीं। पिता-पुत्री के प्रेम को बहुत ही सुन्दर ढंग से लिखा है ।
Aarti Sharma
Har beti ko sasural me rahte hue apne mata pita ki chinta lagi rahti h.bahut hi pyari kahari
arti sharma
पापा याद दिला दिये
trisha
very emotional story
Satish Kumar Verma
बहुत मार्मीक कहानी है
pankaj Agarwal
मार्मिक रचना
shubham mishra
bhut badia ek dum baap beti ke riste ko ek prem ki dor mai piroya hai
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