पापा बॉस

धनंजय कुमार

पापा बॉस
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सारांश

इस घटना को बीते हुए १५ साल हो गए है और आज मैं एक बड़ी कंपनी में मैनेजिंग डायरेक्टर हूँ ; आज मैं जब भी उस घटना के बारे में सोचता हूँ तो यक़ीनन गुस्सा आता है फिर मन में ये भी ख्याल आता है की पापा हमेशा से हमारे बेहतर के बारे में सोचते थे। मैं सोचता हूँ की अगर आज मैं बॉस हूँ तो अपने पापा बॉस की वजह से ही हूँ ।
Yogeshwar Vats
आपने एक सामान्य अनुभव बयाँ किया है। ऐसा सभी के साथ होता है। कहानी में रचनात्मकता का अभाव दिखाई दिया। कोशिश करते रहिए। आप और अच्छा कर सकते हैं।
satyam mishra
अपने पापा की याद दिला दी इस कहानी ने। मेरी रचनाये भी पढ़े
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