पापा ने कहा था

संजीव कुमार

पापा ने कहा था
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सारांश

"खाना खाया" बेहद शान्त उदास और दर्दभरी आवाज़ ।सात कॉल इग्नोर करने के बाद अपूर्व ने रूखे स्वर में कहा "नहीं और तुमने?"। पहली बार अपूर्व ने आस्था से पूछा तो फोन पर दूसरी तरफ सिर्फ सिसकियों की आवाज़ थीं। ...
Durgesh yadav
acchi kahani.... 👍
नैन राज
सही फैसला... मैंने बहुत कहानिया पढ़ी... ज्यादातर कहानियों मे पत्नी पति को माफ़ करके वापस लौट जाती है..... मेरी तो समझ से परे है कि आज भी औरतों से ये क्यू कहा जाता है कि अकेले जिंदगी नहीं होती..... जबकि हकीकत ये है कि पुरुष को हर हाल मे स्त्री के साथ की जरूरत पड़ती है.... पहले माँ फिर बहन फिर पत्नी.... अकेले तो पुरुष नहीं जी सकता.... आपका धन्यवाद इतनी अच्छी कहानी के लिए...
Sonia Teotia
ye meri kahanil likh dali aapne 😭😭un aansuo ke selaab se do baccho ke sath nikli hu apne oati ke ghar se.
Meenu Rawat
बहुत ही बढ़िया कहानी।अगर कोई बिना आपकी गलती के किसी और के लिए आपको छोड़ दे तो उसके बिना जीने की आदत डाल लेनी चाहिए। अनुरोध है कि समय निकालकर आप मैरी कहानी*सीता का संघर्ष*पढ़कर मेरा मार्गदर्शन करें
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