पापा का फेसबुक अकाउंट

मनमोहन गुप्ता मोनी

पापा का फेसबुक अकाउंट
(177)
पाठक संख्या − 5589
पढ़िए

सारांश

विपिन और संजना एक ही आफिस में काम करते हैं। दोनों शादी करना चाहते हैं।संजना की मां दोनों की शादी को राजी नहीं है क्योंकि संजना ब्राह्मण परिवार से है और विपिन बनिया परिवार से। विपिन और संजना दोनों के पाप नहीं हैं। विपिन अपने पापा के फेसबुक अकाउंट को मेंटेन कलथा रहता है। अचानक चित्रा नाम की किसी महिला की फ्रेंड रिक्वेस्ट को वह एक्सेप्ट करके उससे चैटिंग करना शुरू कर देता है। यह चित्रा संजना की मां है। किस प्रकार चित्रा दोनों की शादी को राजी होती है। यही इस कहानी में पढ़नो लायक है।
Dipanshu singh
bahut acchi kahani
रिप्लाय
rashmi
badiya kahani thi!
रिप्लाय
brajesh Kumar
ha har pita Apne bcchche key liye kinda hota hai
रिप्लाय
Iqbal Singh
आपकी सभी रचनाएँ दिल के करीब हैं,पूरी पढ़े बिना दिल नही मानता,धन्यवाद।
रिप्लाय
Jitendra Nath
Good story
रिप्लाय
Gita Gupta
weldone very nice story but aaj kal k bacchho ko parents k liye itna time h
रिप्लाय
ankur tyagi
bahut hi Achi kahani rula hi Diya
रिप्लाय
अनिल कुमार
इतनी अच्छी कहानी पढ़ कर मुझे भी मेरे स्वर्गीय पिता की याद आ गयी उनसे जुड़ी हर चीज याद आने लगी। भावनाओ से भरी कहानी।
रिप्लाय
Bhawna Goyal
kya kahu aaj tk itni acchi kahani nahi padi 😊😊😊
रिप्लाय
सारी टिप्पणियाँ देखें
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.