पागलों की बस्ती

अभिधा शर्मा

पागलों की बस्ती
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सारांश

पागलों की बस्ती... ये कहानी है हम दो पागलों की,हम दो मतलब... राहुल और कृति की।कृति से मेरी मुलाकात उस पागलखाने में ही हुई थी जिसमें मुझे इलाज के लिए ले जाया जाता था... न तो मैं पागल था और न ही कृति ...
Dr. Shilpa Sharma
reet aur ratri ki yaad phir se aa gyi isme.. Rahul aur krati ki soch samaajh Ko leke sahi likhi h Apne..
Alok Kushwaha
sidhi sadhi khubsurat kahani...
Maanvik Rawat
पात्र वही सोच नई
shalu sharma
अनुपम रचना 👏👏👏👍👍
Hitendra Kumar
एक लेखक... जो कि व्यवसायी होने से पहले अपनी अभिव्यक्ति को रखने वाला हो..जो कि उसकी अपनी आत्मा की आवाज ओर उसके अनुभव हो....तो लेखन के अभ्यास के चलते वो जो लिखता है तो वो पाठक को बाधने कि क्षमता रखता हैं! आपकी रचना यही अनुभव करवाती हैं।
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