पाखी- एक

Sham

पाखी- एक
(37)
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सारांश

उन्हें एकांत देने के लिए सड़क को बड़े बड़े साल के वृक्ष दोनों ओर से घेरे हुए हैं.. गुनगुनी धूप पत्तों से निकल उसके गालों को छू रही हैं.. हवा अपने झोंकों में कहीं से खुशबू घोल लायी थी.. आज उसने अपना फ़ेवरेट मैरून साड़ी पहन रखी है.. वो सूट से ज्यादा खूबसूरत साड़ी में लगती है..
Snehlata Gupta
बहुत सुन्दर
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Abhay Pratap Srivastava
kahani..Achhi Likhi hai.. aaapne prayaash Achha kiyaa hai
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Poonam Tiwari
Sach jindgi ke vhut karib h apki story pad kr laga mano apni hi kahani pad rhi hu hamare samaj me shayad adhikter aurto ki yahi kahani hai
neetu singh
अच्छी और सच्ची कहानी
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Anupama
सुंदर,
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divyamishra
बहुत सुंदर रचना
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Neha Neha
kafi acchi story h👌👌
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priya
nice story..
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SUSHMA
nice story
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Rohit Paikra
बहुत प्यारी स्टोरी
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