परदेशी

ममता कालिया

परदेशी
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सारांश

अजब परिवार है हमारा। तीन भाई-बहन तीन देशों में बसे हैं सब एक दूसरे के लिए तरसते रहते हैं जब हुड़क तेज उठती हैं तो एक दूसरे को लंबे-लंबे फोन कर लेते हैं, प्यार-भरे कार्ड भेजते हैं, अगले साल मिलने का ...
Kalpana Srivastava
अपनी भारतीय संस्कृति को अच्छे शब्दों में पिरोया है आपने।अति सुन्दर रचना।
Jyoti Sharma
बहुत badhiya
Madhu
👏👏👏👏👏
Pragya Bajpai
अद्भुत लेखन, अतिउत्तम।
Meera Dixit
ममता जी की सुन्दर कहानी के लिए हार्दिक धन्यवाद
Durva Madan
ptoud to be an indian nice stoty
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