परछाई पीछा नहीं छोडती

संदीप तोमर

परछाई पीछा नहीं छोडती
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सारांश

नायक नायिका का प्रेम कुछ इस तरह का है कि नायक नायिका की यादों में खोया रहता है.. नायिका के साथ यादों में ही कितनी जद्दोजहद करता है.. नायिका विवाह भी करती है तो ऐसे युवक से जो सुहागरात की सेज पर भी शराब के नशे मि धुत हो नायिका के पास आता है. और फर्श पर ढेर हो जाता है,, नायक जब नायिका का आव्हान करता है तो नायिका उससे बहुत द्दूर जा चुकी होती है... क्या नायक नायिका से आखिरी मिन्लं कर पाता है जानने के लिए पूरी कहानी पढ़ें,..
Paakhi Jain
एक धारे के साथ.बहजाना और फिर डूबते जाना गहराई तक।फिर एक उछाल भरती लहर और सिरा छूटजाना तत्क्षण पुनः सिरा पकड़ लहरों पर चलना।👌👌👌
Vikram Sharma
बेस्ट स्टोरी
Bhawna Yadav
बहुत सुंदर सर ... मुझे आपको हमेशा पढ़ना पसंद है
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Sachin Tanwar
लेखक की रचना इतनी सजीव हैं की कल्पना और सच्चाई मे भेद करना कठिन है
मार्टिन जॉन
कल कल बहती नदी की धारा की तरह प्रवाहमयी भाषा ,अनूठी शिल्प में रचित पठनीय कथा रचना ।
Suresh Tanwar
Bhai aap to अपनी भावना को शब्दों के जाल में बांधकर पेश कर लेते हो हम कहाँ जाएं, हमारी कहानी का क्या होगा?
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Bindu Arya
अत्यंत मार्मिक व हृदय स्पर्शी कहानी। Good keep it up
Poonam Kaparwan
jadugar h app bahut maarmimik chitran prem virhaa sambednae sub kuch akelapan ek hi maala mh peroona 👍 gjab
Dr Krishna K Prasad
पढ़ने के पश्चात समीक्षा लिखी जाएगी।
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