पत्नी की मौत के बाद

अन्तरा करवडे

पत्नी की मौत के बाद
(33)
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सारांश

आज मैने फिर से बांसों के झुरमुट से होता हुआ, पुल के रेलिंग के नीचे वाला हिस्सा चुना है, अपनी सैर के लिए। हंसते हुए, पीले-नीले जंगली फूलों और निडर प्रकृति के बीच आज अच्छा लग रहा है। लेकिन मैं अपने आप ...
sudha tiwari
यही जीवन का सच है
Pawan Pandey
दिल से ,सच्चाई की अभिव्यक्ति। यही जीवन है। इंसान असहाय महसूस करता है, स्वतंत्रता। कहीं नहीं है। बहुत ही अच्छी रचना।
Jyoti Bajpai
bahut khoob likha aapne. 👌 👏 👏 👏
डॉ. अनुविद्या
बहुत ही बढ़िया,मानव मन के दर्द को भीतर की गहराइयों से निकाल कर कागज पर उकेरना । एक लेखक की बेहतरीन रचना है।
Nalin Kishore Sinha
शायद ये मेरे जीवन की भी कहानी है, श्रीजा के जगह मेरी अपनी ....
Priti Gupta
sahi h .jiwan sathi ke Jane ke bad kyu log mre hue ko mrne nhi dete aur Jo jina chahta h use mine nhi dete
Veena Jha
बेहद खूबसूरत .....
anurag shukla
बहुत खूबसूरत रचना। इंसानी रिश्तों की समझ, समसामयिक मानव की घुटन और जीवन तथा मृत्यु के बीच का सामंजस्य निहायत सरलता से गुथ गए इस लघु कथा में।
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