निशानी

Kavi Rohit Kumar

निशानी
(57)
पाठक संख्या − 4158
पढ़िए

सारांश

कई फैसले बिना सोचे नहीं लेना चाहिए, पर गलती तो...
Priyanka Sharma
आदरणीय रोहित जी, सच्चाई दर्शाती हुई आपकी ये रचना मुझे बेहद पसंद आई. इतनी बड़ी बात के लिए कम शब्द, आपकी ये कहानी न जाने कितनी ही लड़कियों की सच्चाई है। मैं शब्दनगरी पर भी लिखती हूँ, आपको बताना चाहती हूँ की आप वहाँ पर भी अपने लेख प्रस्तुत करें, बहुत से पाठक वहाँ भी आपकी रचना को पढ़कर आनंदित होंगे, इसी आशा से आपसे ये निवेदन कर रही हूँ. यदि मेरी सहायता की आवश्यकता हो तो मुझे प्रतिउत्तर में अवश्य बताएं। शब्दनगरी पर अकाउंट बनाने के लिए लिंक shabd.in लिख के अकाउंट बनाए और अपना लेख ज़रूर प्रकाशित करें।
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Karishma Ajayyadav
km sabdo me bdi baat
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पंकज वर्मा
कुछ बातो को जानने के बावजूद उसको हम लोग हि एैसा कर बैठते है कि बाद मे पछताने का भी मौका हमे नहीं मिलता
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Shekhar Dewangan
बेटी को अपने दिल से रहना पसंद आता है ।। ओर बेटी को कोई बात समझना हो तो दिल से समझाओ ताकि अपने मा बाप ओर भाई की बहन अपने परिवार मे मिल कर रहै ।।।
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babita Gupta
बेहतरीन रचना
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Anand Joshi
ताली भी एक हाथ से नहीं बजती ।जीतना आदमी जीमेवार हे।उससे कहीं ज्यादा औरतें होती है।
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RAJESH KUMAR SAINI
अब और एडजस्ट नहीं होता यार... छोड़ दो। बेहद उम्दा लिखा !! शुभकामनाएं !!
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Sayam Bihari
पुरुष के बर्चस्व आधारित समाज में स्त्री उसकी इच्छापूर्ति का साधन बना दी गई है यह तस्वीर वस्तुतः एक तकलीफ देह सच्चाई हैबंधन अनेक हैं । ऐसी स्थिति में स्त्रियों का संघर्ष अत्यंत कठिन हो जाता है। विद्वान लेखक ने बड़ी सकारात्मकता से इसी पृष्ठ भूमि का सहारा लेकर पुरुष वर्चस्व वली समाज को दृढ़ता से यह स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है कि नारी को भी जीने का अधिकार है और उसकी भावनाओ का भी सम्मान किया जाना चाहिए । खास कर जब संदर्भ उसके स्वयं के जीवन से जुड़ा हो । प्रेम और अन्तर्जातीय विवाह को लेकर समाज जिस कट्टरता से ग्रस्त है उससे ना तो समाज का कोई हित हो रहा है और ना परिवार को ।किन्तु दो जिन्दगी तवाह हो जाती है । लेखक ने बड़ी कुशलता से प्रस्तुत किया है ।कहानी का प्रवाह अच्छा है और विद्वान लेखक ने सराहनीय प्रयास किया है ।कहानी में चित्रण की स्पस्टता का अभाव खटकता है जो पाठकों पर छोड़ दिया गया है । कहानी का प्रवाह अच्छा है और विद्वान लेखक बधाई के पात्र हैं । मेरी बहुत-बहुत बधाई ।ब
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Reeba Shukla
bht hi acchi
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sapna sharma
bahut khud
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