निशानी प्यार की..

मोनिका त्रिपाठी

निशानी प्यार की..
(7)
पाठक संख्या − 48
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सारांश

भूला बिसरा पुराना प्यार.
सन्दर्भ मिश्र
उत्तम तुकबंदी के साथ यथातथ्य पंक्ति-सज्जा आनंदित करते हैं। अंतिम पंक्ति में 'आई थी' के स्थान पर लिपकीय त्रुटिवश 'आती थी' टंकित हो गया है, जो कि रस में बाधा है। उसे सुधार कर कविता को उसका वास्तविक रस प्रदान करें। साभार😊
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अंजान सागर
अति सुंदर
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सुहेल उस्मानी
सुन्दर कविता 💐
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मनमोहन गुप्ता मोनी
बहुत खूब मोनिका ।प्रतिलिपि कथा सम्मान प्रतियोगिता में मेरी कहानियां पढ़कर टिप्पणी दें
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अशोक बरोनिया
खूबसूरत...
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Deepak Malpuriya
सुंदर
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