नाटक

नैनी ग्रोवर

नाटक
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सारांश

हाय माँ.. ठोकर लगते ही मनकू को दर्द की वो तेज लहर उठी के माँ याद आ गई, अपने ही मुँह से माँ शब्द निकलता सुन मनकू खुद से ही शर्मिंदा हो गया, अभी महीने भर की ही तो बात है, जैसे ही थके हारे मनकू घर के ...
Ritu singh
very nice story, giving lesson to our elders and their greedy children. keep writing good motivational story.
Vimal Singh Rajput
प्रेरणा दायक कहानी
Neetu Singh
sahi kiya... nice story..
Ravinder Kumar
Lajawaab👍
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Surbhi Sinha
Sahi upaay hai,tedhe Ko sidha karne ka
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sneha gautam
वाह, बहुत बढ़िया ,
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Vibha Patel
achha likha hai aapne .. kash aadhunik samaj me bi parivartan aa jye toh bujurg maa baap ki halt khrab na ho
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