**नया दौर नयी सोच **

Ritu asooja Rishikesh

**नया दौर नयी सोच **
(5)
पाठक संख्या − 115
पढ़िए

सारांश

***नया दौर, नयी सोच ** ***** "आज फिर से ये सवारी किधर चली बन -ठन के .......  ओहो ! अम्मा जी किसी को टोकते नहीं जब वो किसी जरूरी काम से जा रहा हो ।अम्मा जी ,व्यंग करते हुए बोली,जरूरी काम -अब तुम्हे ...
babita Gupta
इंसान बूढे नहीं होता, बल्कि उसका मन होता हैं, बेहतरीन रचना के लिए बधाई स्वीकार कीजिएगा ।
Kusum Kothari
नई और सही सोच।
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.