नम मौसम

बृजभूषण खरे

नम मौसम
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सारांश

दिल की दीवारों पर सहमी, शबनम सी क्या चीज़ है सालगिरह पर आंखों में, नम मौसम सी क्या चीज़ है नसीम-ओ-सुबहा मुझे बता, क्या साक़ी का दस्तूर है मयखाने में  होश जगाती, पैहम सी क्या चीज है सजदे कर   ...
Harish pant
shandar
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डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा
बहुत सुंदर रचना
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विवेक भास्कर
अति सुंदर सृजन
Poonam Aggarwal
बेहद सुंदर शब्दो मे लिखी गयी कविता👌👌👌
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जगदीश शर्मा सहज
बहुत सुंदर सृजन।हार्दिक बधाई आदरणीय
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Ankit Arya
bahut accha likha hai... 👍👍👍
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Pramod Ranjan Kukreti
वाह, बहुत खूब।
Narendra Valmiki
सर उम्दा रचना।
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