नदी के शब्द

अनुश्री त्रिपाठी मिश्रा

नदी के शब्द
(43)
पाठक संख्या − 144
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सारांश

मेरी यह कविता नदी के कल-कल की ध्वनि को समझने का मेरा प्रयास है.....
पूजा मणि
वाह बहुत सुन्दर
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Nandkishor Sankhala
बहुत सुंदर आपने तो इस कविता के माध्यम से हम सब को अभिप्ररेण भी प्रधान की अतिउतम !
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Nita Shukla Dubey
वाह बहुत सुन्दर ।।।🌹🌹🌹🌹🌷🌷🌷🌷सुन्दर शुद्ध शब्दो से सजी रचना है पढते समय रोम रोम पावन हो गया ...बहुत बेहतरीन 👌👌👌👌👌👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏
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aparna
बहुत सुन्दर रचना
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Jiwan Sameer
बढ़िया लिखा है। शुभकामनाएं स्वीकारें 💐 💐 💐 💐 💐
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pankaj Agarwal
बहुत सुंदर रचना
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रमेश मेहंदीरत्ता
आप बहुत अच्छी रचनाओं को करेंगी आगे भी
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Chourasiya brajesh
अच्छी रचना ,,,बेहतरीन प्रस्तुति
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विजय कुमार शर्मा
बेहतरीन रचना
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Kavi Rohit Kumar
सुंदर रचना
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