नए साल का जश्न

रमेश शर्मा

नए साल का जश्न
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सारांश

यह कहानी मनुष्य की संवेदना के पक्ष विपक्ष पर सवाल खडा करती है
निक्की सिंह
नये साल का जश्न चौकीदार ने अपने और अपनी बेटी के स्वाभिमान के नाम किया,और शायद बहुत अच्छा किया।
Kalyani Jha
अच्छी कहानी, स्वाभिमानी थे काका जी।
ANUPMA TIWARI
बेहतरीन
डा. मनसा पाण्डेय
kahani achi hai,ese orr badgaya ja skta.youaoo ki soch,samvedna bhi ke aae ja skti
Sushil Singh
लाजबाब बहुत सुन्दर
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