नई सुबह

शिल्पी रस्तोगी

नई सुबह
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सारांश

स्ुाुबह से अब तक यह रोली की 10 वीं काॅल थी लेकिन रमित को फोन नहीं उठाना तो नहीं उठाया। रोली उसकी पत्नी उसे पहले भी नापसंद थी लेकिन जैसे तैसे वह इस रिष्ते को निष्ठा से निभाता चला आ रहा था,लेकिन आॅफिस ...
Praveen Sahu
bahot badhiya..
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Meena Bhatt.
जैसे को तैसा 👌👌
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Shashi Upadhyay
very nice story.u.r.good.writer
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jitendra
isko kehte hain nahle pe dahla
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मनमोहन कौशिक
बढ़िया
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NEHA SHARMA
nehle pe dehla...
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Sanjeet Bajpai
अच्छा है, भूत उतर चुका था
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Anshul
very nice story
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Praveen Kumar Shrivastava
सही कदम लेकिन गलत तरीका
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